कहां जा रहे हैं, कार वापस घुमा लीजिए.अमित शाह ने प्‍लेन में बैठने से पहले किसे मिलाया फोन, MP में हलचल

0
भो पाल : ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट के आखिरी दिन मध्‍य प्रदेश आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक कॉल और मुलाकात ने राज्‍य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी. अचानक से हुई यह मुलाकात गृह मंत्री और मध्य प्रदेश के मंत्री और सीनियर लीडर कैलाश विजयवर्गीय के बीच हुई थी.सूत्र बता रहे हैं कि शाह ने खुद विजयवर्गीय को स्‍पेशली फोन कॉल की, जिसके बाद उन्‍होंने अपनी कार वापसी दिशा में दौड़ा दी और यह मीटिंग हुई. इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि जीआईएस खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश में क्‍या कोई अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने वाला है.. आइये जानते हैं विस्‍तार से… TOI की रिपोर्ट कहती है कि जीआईएस में समापन भाषण देने के बाद अमित शाह नई दिल्ली जाने के लिए स्टेट हैंगर की तरफ रवाना हुए थे. शाम करीब 6 बजे वह यहां पर पहुंचे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि वह विमान की ओर जाने के बजाय शाह वीआईपी लाउंज में चले गए और यहां से उन्‍होंने कैलाश विजयवर्गीय को फोन किया. बताया जा रहा है कि जब अमित शाह ने फोन किया तो उस समय विजयवर्गीय पार्टी कार्यकर्ताओं की शादी में शामिल होने और महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव में भाग लेने के लिए उज्जैन की तरफ जा रहे थे. वह भोपाल के आउटर इलाके में पहुंच चुके थे. लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री का फोन आने पर उन्‍होंने अपने ड्राइवर को वापस स्टेट हैंगर की ओर जाने का आदेश दिया. सूत्रों के मुताबिक, यहां पहुंचने के बाद दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई. इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश पार्टी अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो सकते हैं. रिपोर्ट में प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के हवाले से कहा गया है कि "मध्य प्रदेश के दो नेता नरोत्तम मिश्रा और विजयवर्गीय अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. मिश्रा 2023 में विधानसभा चुनाव हार गए थे, इसकी वजह से वह फ‍िलहाल चर्चा में नहीं हैं. हालांकि बंगाल में भाजपा को विकल्प के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाले विजयवर्गीय को राज्य में वापस आकर असंतुष्ट हैं और फिर से कैबिनेट मंत्री बन गए हैं." चर्चा तो ऐसी भी है कि अगले महीने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है तो क्या कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष या राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं? या उन्हें सिर्फ कुछ राजनीतिक फीडबैक मिल रहा था? इसका जवाब किसी के पास नहीं है. वीडी शर्मा ने इस महीने की शुरुआत में अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे किए हैं. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जिन्हें प्रदेश पार्टी अध्यक्ष चुनाव का प्रभार दिया गया है, 1 मार्च को भोपाल आकर 413 पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top